जीवन उतना ही नीरस है जितना कि एक बार दोहराई जा चुकी कहानी, जो एक सुस्त व्यक्ति के कानों को परेशान करती है।
विलियम शेक्सपियर
अपनी गति से, एक-एक पंक्ति।