जब बुरा न होने पर भी बुरा होने का दोष मिले, और उचित आनंद भी हमारी भावना से नहीं, दूसरों की नज़र से बुरा ठहरकर खो जाए, तो बुरा समझे जाने से बुरा होना बेहतर है।
विलियम शेक्सपियर
जब बुरा न होने पर भी बुरा होने का दोष मिले, और उचित आनंद भी हमारी भावना से नहीं, दूसरों की नज़र से बुरा ठहरकर खो जाए, तो बुरा समझे जाने से बुरा होना बेहतर है।
विलियम शेक्सपियर