जीवन के विशाल सागर पर हम अलग-अलग चलते हैं; विवेक दिशा-सूचक है, पर जुनून तेज़ हवा है।
अलेक्ज़ेंडर पोप
अपनी गति से, एक-एक पंक्ति।