मनुष्य का स्वयं के सिवा किसी और से धोखा खाना उतना ही असंभव है, जितना किसी वस्तु का एक ही समय होना और न होना।
राल्फ वाल्डो एमर्सन
मनुष्य का स्वयं के सिवा किसी और से धोखा खाना उतना ही असंभव है, जितना किसी वस्तु का एक ही समय होना और न होना।
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