कौन मौन विस्मृति का शिकार होकर इस सुख-दुःख भरे जीवन और उजले दिन के गर्म आश्रय को छोड़ते समय एक बार भी लालसा भरी, ठहरती हुई नजर से पीछे नहीं देखता?
थॉमस ग्रे
कौन मौन विस्मृति का शिकार होकर इस सुख-दुःख भरे जीवन और उजले दिन के गर्म आश्रय को छोड़ते समय एक बार भी लालसा भरी, ठहरती हुई नजर से पीछे नहीं देखता?
थॉमस ग्रे