ईर्ष्या योग्यता का छाया की तरह पीछा करती है, पर छाया की तरह उसके वास्तविक होने का प्रमाण भी देती है।
अलेक्ज़ेंडर पोप
अपनी गति से, एक-एक पंक्ति।