कितने विविध हैं उनके कार्य, जिन्हें दुनिया 'व्यर्थ' कहती है, और जो बदले में, उस व्यस्त दुनिया को भी 'व्यर्थ' ही मानते हैं!
विलियम कूपर
कितने विविध हैं उनके कार्य, जिन्हें दुनिया 'व्यर्थ' कहती है, और जो बदले में, उस व्यस्त दुनिया को भी 'व्यर्थ' ही मानते हैं!
विलियम कूपर