वह समय है जब शाखों से नाइटिंगेल का ऊँचा सुर सुनाई दे, जब प्रेमियों की प्रतिज्ञाएँ हर फुसफुसाए शब्द में मधुर लगें।
लॉर्ड बायरन
वह समय है जब शाखों से नाइटिंगेल का ऊँचा सुर सुनाई दे, जब प्रेमियों की प्रतिज्ञाएँ हर फुसफुसाए शब्द में मधुर लगें।
लॉर्ड बायरन