रणभूमि खो गई तो क्या? सब नहीं खोया: अजेय इच्छा, प्रतिशोध का प्रयास, अमर घृणा और कभी न झुकने का साहस।
जॉन मिल्टन
अपनी गति से, एक-एक पंक्ति।