वह सौंदर्य में चलती है, बादलहीन प्रदेश और तारों भरे आकाश की रात-सी; अँधेरे-उजाले का श्रेष्ठ उसके रूप और आँखों में मिलता, उस कोमल प्रकाश में ढलता है जो स्वर्ग चमकीले दिन को नहीं देता।
लॉर्ड बायरन
वह सौंदर्य में चलती है, बादलहीन प्रदेश और तारों भरे आकाश की रात-सी; अँधेरे-उजाले का श्रेष्ठ उसके रूप और आँखों में मिलता, उस कोमल प्रकाश में ढलता है जो स्वर्ग चमकीले दिन को नहीं देता।
लॉर्ड बायरन