प्रेम का प्रकाश, लावण्य की शुद्धता, चेहरे से साँस लेते मन और संगीत, सबको मिलाता कोमल हृदय—आह, वह आँख स्वयं एक आत्मा थी!
लॉर्ड बायरन
प्रेम का प्रकाश, लावण्य की शुद्धता, चेहरे से साँस लेते मन और संगीत, सबको मिलाता कोमल हृदय—आह, वह आँख स्वयं एक आत्मा थी!
लॉर्ड बायरन