असंख्य रत्न, जो अपनी चमक से जगमगाते हैं, वे भी अक्सर समुद्र की गहराइयों में छिपे रहते हैं। अनेक फूल ऐसे भी खिलते हैं, जिन्हें कोई देखता नहीं, और वे अपनी सुगंध व्यर्थ ही रेगिस्तान की हवा में घुल जाते हैं।
थॉमस ग्रे
असंख्य रत्न, जो अपनी चमक से जगमगाते हैं, वे भी अक्सर समुद्र की गहराइयों में छिपे रहते हैं। अनेक फूल ऐसे भी खिलते हैं, जिन्हें कोई देखता नहीं, और वे अपनी सुगंध व्यर्थ ही रेगिस्तान की हवा में घुल जाते हैं।
थॉमस ग्रे