कोई इतना अकेला नहीं कि स्वयं से प्रिय कोई चीज़ उसके विचार में न हो या न रही हो, और एक आँसू की श्रद्धांजलि न माँगे।
लॉर्ड बायरन
कोई इतना अकेला नहीं कि स्वयं से प्रिय कोई चीज़ उसके विचार में न हो या न रही हो, और एक आँसू की श्रद्धांजलि न माँगे।
लॉर्ड बायरन