प्रेम के कारणों से कैसे भयानक अपराध उठते हैं! तुच्छ बातों से कैसे बड़े संघर्ष जन्मते हैं!
अलेक्ज़ेंडर पोप
अपनी गति से, एक-एक पंक्ति।