कितनी बार अकेले आनंद को अपने आप मापते आह भरी; सोचा, जो पुस्तक पढ़ रहा हूँ शायद केवल मैं ही पढ़ता हूँ।
विलियम वर्ड्सवर्थ
अपनी गति से, एक-एक पंक्ति।