जब मधुर मौन चिंतन की सभा में बीती बातों की स्मृति बुलाता हूँ, तो जिन अनेक चीज़ों को चाहकर न पाया, उन पर आह भरता हूँ, और पुराने दुखों से अपने कीमती समय की बर्बादी पर फिर विलाप करता हूँ।विलियम शेक्सपियरटाइप करना शुरू करें