ऐसे ही अनदेखा, अनजान जीने दो, बिना विलाप मरने दो; संसार से चुपके चला जाऊँ, कोई पत्थर भी न बताए कहाँ पड़ा हूँ।अलेक्ज़ेंडर पोपटाइप करना शुरू करें