धिक्कार है उस कविता को, चाहे कितनी सुंदर बहे, जो किसी योग्य व्यक्ति को मेरा शत्रु बनाए।

अलेक्ज़ेंडर पोप

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स्रोत

Epistle to Dr. Arbuthnot. Prologue to the Satires. Line 283. · Typing Ink का अनुवाद