Typing Ink

कविता

सॉनेट 116 · अंश

सच्चे मनों के मिलन में मैं कोई बाधा नहीं मानूँगा। प्रेम वह नहीं जो बदलाव आते ही बदल जाए, या किसी के हटते ही स्वयं हट जाए। नहीं, प्रेम तो अडिग दिशा-…

भाग · 1

सच्चे मनों के मिलन में मैं कोई बाधा नहीं मानूँगा। प्रेम वह नहीं जो बदलाव आते ही बदल जाए, या किसी के हटते ही स्वयं हट जाए। नहीं, प्रेम तो अडिग दिशा-सूचक है, जो तूफ़ानों को देखकर भी नहीं डगमगाता; वह हर भटकी नाव का तारा है, जिसकी ऊँचाई नापी जा सकती है, कीमत नहीं।

स्रोत और अधिकार

रचना
सॉनेट 116
संस्करण
अंग्रेज़ी मूल से नया अनुवाद
अधिकार
सार्वजनिक डोमेन का मूल पाठ; Typing Ink का नया अनुवाद।

अभ्यास लक्ष्य

  • पंक्ति-विराम की लय
  1. भाग 1

    सच्चे मनों के मिलन में मैं कोई बाधा नहीं मानूँगा। प्रेम वह नहीं जो बदलाव आते ही बदल जाए, या किसी के हटते ही स्वयं हट जाए। नहीं, प्रेम तो अडिग दिशा-सूचक है, जो तूफ़ानों को देखकर भी नहीं डगमगाता; वह हर भटकी नाव का तारा है, जिसकी ऊँचाई नापी जा सकती है, कीमत नहीं।

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