साहित्य
सुखी राजकुमार · अंश
नन्ही अबाबील अपने पंख खोलती, उससे पहले तीसरी बूँद गिर पड़ी। उसने ऊपर देखा और देखा—अरे, यह क्या? सुखी राजकुमार की आँखें आँसुओं से भरी थीं और आँसू उस…
भाग · 1
नन्ही अबाबील अपने पंख खोलती, उससे पहले तीसरी बूँद गिर पड़ी। उसने ऊपर देखा और देखा—अरे, यह क्या? सुखी राजकुमार की आँखें आँसुओं से भरी थीं और आँसू उसके सुनहरे गालों पर बह रहे थे। चाँदनी में उसका चेहरा इतना सुंदर था कि अबाबील के मन में दया उमड़ आई।स्रोत और अधिकार
- रचना
- सुखी राजकुमार
- संस्करण
- अंग्रेज़ी मूल से नया अनुवाद
- अधिकार
- सार्वजनिक डोमेन का मूल पाठ; Typing Ink का नया अनुवाद।
अभ्यास लक्ष्य
- लंबे पाठ की स्थिर लय
- भाग 1यह भाग शुरू करें
नन्ही अबाबील अपने पंख खोलती, उससे पहले तीसरी बूँद गिर पड़ी। उसने ऊपर देखा और देखा—अरे, यह क्या? सुखी राजकुमार की आँखें आँसुओं से भरी थीं और आँसू उसके सुनहरे गालों पर बह रहे थे। चाँदनी में उसका चेहरा इतना सुंदर था कि अबाबील के मन में दया उमड़ आई।