साहित्य
अजूबों की दुनिया में ऐलिस · अंश
ऐलिस अपनी बहन के पास किनारे पर बैठी, कुछ भी करने को न होने से बहुत ऊबने लगी थी। उसने एक-दो बार बहन की किताब में झाँका, पर उसमें न चित्र थे, न बातची…
भाग · 1
ऐलिस अपनी बहन के पास किनारे पर बैठी, कुछ भी करने को न होने से बहुत ऊबने लगी थी। उसने एक-दो बार बहन की किताब में झाँका, पर उसमें न चित्र थे, न बातचीत। ऐलिस ने सोचा, “जिस किताब में चित्र और बातचीत ही न हों, वह किस काम की?”स्रोत और अधिकार
- रचना
- अजूबों की दुनिया में ऐलिस
- संस्करण
- अंग्रेज़ी मूल से नया अनुवाद
- अधिकार
- सार्वजनिक डोमेन का मूल पाठ; Typing Ink का नया अनुवाद।
अभ्यास लक्ष्य
- लंबे पाठ की स्थिर लय
- भाग 1यह भाग शुरू करें
ऐलिस अपनी बहन के पास किनारे पर बैठी, कुछ भी करने को न होने से बहुत ऊबने लगी थी। उसने एक-दो बार बहन की किताब में झाँका, पर उसमें न चित्र थे, न बातचीत। ऐलिस ने सोचा, “जिस किताब में चित्र और बातचीत ही न हों, वह किस काम की?”